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Shayari Hindi Me

mja aata hai maaf karne me

मेरे हाथों को मालूम है मेरे दुश्मनो के गिरेबानों का पता

चाहूँ तो पकड़ लूँ.. पर मजा आता है माफ करने में

mja aata hai maaf karne me

marne ko mar bhi jau

मरने को मर भी जाऊँ,कोई मसला नहीं..

लेकिन ये तय तो हो कि,अभी जी रहा हूँ मैं

marne ko mar bhi jau

nuksan bhoot hai

यारियाँ ही रह जाती है मुनाफ़ा बन के,

मोहब्बत के सौदों में ...नुक़सान बहोत हैं

dil mera

हाथों की लकीरे पढ़ कर रो देता है दिल मेरा 

सब कुछ तो है मग़र एक तेरा नाम क्यूँ नही है

dil mera

sharma ke reh jati

उँगलियों पे दुपट्टा लपेट कर ‪शरमा‬ जाती है वो,

जब ‪उसकी‬ सहेलियाँ ‎मेरा नाम लेकर छेड़ती है

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