Naraz Shayari
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Narazgi shayari in hindi
सितम सारे हमारे, छाँट लिया करो,
नाराज़गी से अच्छा है, डाँट लिया करो
sitam Sare Hamare, Chhaant Liya Karo,
Narazgi Se Achchha Hai, Daant Liya Karo.

naraz poetry facebook
छुप छुप के कही पोस्ट मेरी पढती होगी,
मेरी तस्वीरों से तंहाई मे लड़ती होगी ,
जब भी मेरी याद उसे आती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. किसी दुजे नाम से फेसबुक पे आई होगी,
ID कोई Fake जरूर बनाई होगी,
कोई मुझमें कमी निकाले तो वो चिड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. मेरा हर अपडेट उसे अब भी युंही भाता होगा,
मेरा अक्स सामने उसके आ ही जाता होगा,
जब भी कोई बात उसकी बिगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. लगी मेरी गजलों की लत वो कैसे छुटेगी,
डरते -डरते रिक्वेस्ट मुझे भेजी होगी,
क्युं छोड़ा मुझे कहकर खुद से झगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. काश कहीं फिर से मिल जाए मुझे,
आकर फिर वही प्यार की बात चलाए मुझे,
सोच यही मंदिरों में माथा रगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी...
मेरी तस्वीरों से तंहाई मे लड़ती होगी ,
जब भी मेरी याद उसे आती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. किसी दुजे नाम से फेसबुक पे आई होगी,
ID कोई Fake जरूर बनाई होगी,
कोई मुझमें कमी निकाले तो वो चिड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. मेरा हर अपडेट उसे अब भी युंही भाता होगा,
मेरा अक्स सामने उसके आ ही जाता होगा,
जब भी कोई बात उसकी बिगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. लगी मेरी गजलों की लत वो कैसे छुटेगी,
डरते -डरते रिक्वेस्ट मुझे भेजी होगी,
क्युं छोड़ा मुझे कहकर खुद से झगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी,
. काश कहीं फिर से मिल जाए मुझे,
आकर फिर वही प्यार की बात चलाए मुझे,
सोच यही मंदिरों में माथा रगड़ती होगी,
लगता है अब भी वो रो पड़ती होगी...
naraz shayari hindi me
Dil Se Teri Yad Ko Juda To Nahi Kia
Rakha Jo Tujhe Yaad, Bura To Nahi Kia
Hum Se Log Hain Naraz Kis Liye
Hum Ne Kabhi Kisi Ko Khafa To Nahi Kia
Naraz Shayari Hindi Me
Rakha Jo Tujhe Yaad, Bura To Nahi Kia
Hum Se Log Hain Naraz Kis Liye
Hum Ne Kabhi Kisi Ko Khafa To Nahi Kia
Naraz Shayari Hindi Me

naraz mat hona shayari in hindi
Hum Nibhayenge Dosti Marte Dum Tak
Hum Hasayenge Tumko Gham Se Khushi Tak
Aye Dost Kabhi Humse Naraz Na Hona
Saath Rehna Hamare Akhiri Dum Tak
Hum Hasayenge Tumko Gham Se Khushi Tak
Aye Dost Kabhi Humse Naraz Na Hona
Saath Rehna Hamare Akhiri Dum Tak