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Friendship Shayari


meri har baat smajh jate ho

मेरी हर बात समझ जातें हो तुम,

फिर भी क्युँ मुझे सताते हो तुम

तुम बिन कोई और नहीं मेरा,

शायद इसी बात का फ़ायदा उठाते हो तुम

meri har baat smajh jate ho

kya khoob

क्या खूब मजबूरिया थी मेरी भी

अपनी खुशी को छोड़ दिया

उसे खुश देखने के लिए

kya khoob

rab ka wasta

नही छोड़ी कमी किसी भी

रिश्ते को निभाने में मैंने कभी...

आने वाले को दिल का रास्ता भी दिया

और जाने वाले को रब का वास्ता भी दिया

tere jaisa ho

एक चाहने वाला ऐसा हो...

जो बिल्कुल तेरे जैसा हो.

tere jaisa ho

naraz mujh se hoti

मुझे उसकी ये नादान अदा खूब भाती हैं,

नाराज़ मुझसे होती हैं और गुस्सा सबको दिखाती हैं

naraz mujh se hoti
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